मैं जो तुमसे कहना चाहती हूं भाग 2

कभी कभी ऑफिस में गड़बड़ हो जाती है पर मैं संभाल लेती हुँ। अब तो ऑफिस में भी दोस्त बन गए हैं जो मेरी मदद कर सकते हैं।

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प्रिय दोस्त,
तो कैसे हो तुम । मुझे माफ करना मुझे ऐसे ओपन लेटर नहीं लिखना चाहिए। पर असल में मैं यह लेटर सिर्फ तुम्हें नहीं लिख रही ।तुम्हारे जरिए अपनी भावनाओं को पूरी दुनिया को किसी न किसी तरीके से बताना चाहती हुँ। किसी को भी अपनी निजी जिंदगी के बारे में कभी इस तरह नहीं कहना चाहिए। पर यह तो सिर्फ एक लेख है जिसमें मुझ जैसे व्यक्ति अपनी भावनाओं को कहानियों और लेखों के जरिए जाहिर करते हैं। इसलिए मैं तुम्हें एक ओपन पत्र लिख रही हूँ। ताकि इस लेटर के जरिए मेरी कुछ बातें दुनिया वालों तक पहुँच सके। पिछले दिनों से मैंने बहुत कुछ जाना ।और आज मेरी सोच ऐसी है, की अब मुझे लोगों को देखकर डर नहीं लगता । please click link below👇 for more reading… It is link to original blog post.

https://liferebooting.blogspot.in/2018/03/2_15.html

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the way you smile!

Yes ,the way you smile! and than …there my heart stuck with that little feeling .

For so many days I just wanted one glimpse of you,
You know how secretly I admire you,
Try to get attention from you.
It’s not that; I don’t have guts to accept my feelings for you!
But I don’t want my feelings to be crushed under your attitude’s !
You are so much occupied by your ego, materialism and your standards.
But wait …. These things make you happy… And I could see you Smile.
Yes ,the way you smile! and than …there my heart stuck with that little feeling .

PS:-
I can say sorry instead….
But I think this  is much better explanation.😛

Lastly , I  am still broken by words and you know what i want to say.