तेरी आंखों की चमक, तेरी होठों की मुस्कान सब खो चुकी है।

तेरी आंखों की चमक, तेरी होठों की मुस्कान सब खो चुकी है।
तेरे बोलने का अंदाज ,तेरी हंसी की मिठास अब लुट चुकी है।
तू बिखर गया है ,तू अकेला सा हो गया है
तू बिखर गया है ,तू अकेला सा हो गया है
ना तू सुनता है, ना तो सुनाना चाहता है।।
तू अकेले में रोता है ,तू दीवारों को ताक ता हैं।
तू दिन भर यही सोचता है -“मैं ही क्यों ?”
तू दिन भर यही सोचता है- “आखिर में ,मैं ही क्यों ?

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मैं जो तुमसे कहना चाहती हूं भाग 2

कभी कभी ऑफिस में गड़बड़ हो जाती है पर मैं संभाल लेती हुँ। अब तो ऑफिस में भी दोस्त बन गए हैं जो मेरी मदद कर सकते हैं।

 

प्रिय दोस्त,
तो कैसे हो तुम । मुझे माफ करना मुझे ऐसे ओपन लेटर नहीं लिखना चाहिए। पर असल में मैं यह लेटर सिर्फ तुम्हें नहीं लिख रही ।तुम्हारे जरिए अपनी भावनाओं को पूरी दुनिया को किसी न किसी तरीके से बताना चाहती हुँ। किसी को भी अपनी निजी जिंदगी के बारे में कभी इस तरह नहीं कहना चाहिए। पर यह तो सिर्फ एक लेख है जिसमें मुझ जैसे व्यक्ति अपनी भावनाओं को कहानियों और लेखों के जरिए जाहिर करते हैं। इसलिए मैं तुम्हें एक ओपन पत्र लिख रही हूँ। ताकि इस लेटर के जरिए मेरी कुछ बातें दुनिया वालों तक पहुँच सके। पिछले दिनों से मैंने बहुत कुछ जाना ।और आज मेरी सोच ऐसी है, की अब मुझे लोगों को देखकर डर नहीं लगता । please click link below👇 for more reading… It is link to original blog post.

https://liferebooting.blogspot.in/2018/03/2_15.html

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में जो तुमसे कहना चाहती हूँ

प्रिय दोस्त,
कैसे हो तुम? क्या हालचाल? मुझे लगता हैं तुम जैसे भी हो …पर कुछ न कुछ मेरे जैसे ही हो।
मुझे तुमसे बहुत सारी बातें करनी है । तुमसे ये पूछना है कि तुम आज कल कैसे रहते हो। कभी कभी मुझे तुम्हारादर्द समझ आता है और कभी कभी तुम्हारी याद भी आती हैं।
जब हम आख़िरी बार मिले तोह बहुत सी बातें हुई थी और बहुत सी अधूरी रह गई। तुमने मुझे अपने बीते सालों के बारे मैं बताया औऱ मैंने भी थोड़ा बहुत कुछ तुम्हें अपने बारे में बताया था। पर बीते कुछ दिनों मेरे साथ ऐसा बहुत कुछ हुआ कि मुझे फिर से तुम्हें अपनी कहानी अच्छे से ,,,,,मतलब शुरुआत से शुरू करनी होगी। जिसमें से आधा तो तुम जानते हो और आधा कुछ ऐसा है कि मुझे अब उन बातों मतलब समझ आया हैं।
तो ये सच हैं कि तुम मेरा पहेला प्यार हो
औऱ तुम्हारे ही कारण मेरी जिंदगी में बहुत सी चीजें हुईं जो अगर न होती तो जिंदगी में इस मुकाम पे न होती। please click link to read more…https://liferebooting.blogspot.in/2018/03/part-1.html

“Surprise Shopping and Sacrasm on Bra size😂”

displaying woman lingerie  is really nonsense to some people… But it’s actually open minded people will understand.

This is a very funny incident and I can’t stop myself writing about it because it’s a thing which mostly happens with women’s . Specialy I am talking about household semi-urban aunties and Indian desi girls.😁😁😁

So it was Sunday and I have planned for supply shopping.

For me supply shopping is monthly sanitary Pads and undergarments…

When you are single woman you don’t know what you will ever find and need..

So, first I thought let not go alone and ask someone to come along…the basic thinking…I called my long lost friend P ….but she didn’t pick up my call. She actually missed the adventure.

Then I message an old buddy -A, who was out of city…so she can’t come along too. I decided to go on my own…

You know to buy women things are really treasure discovery …and it’s like jumping in ocean. Which is called women’s shopping .

I bought monthly supply from supermarket…and then I went to open market just to see if I could buy any cheap price …but treasury items. Yes, we desi girls have this type of ideas a lot and I really discovered something…

I usually buy women lingerie from proper shop…or somewhere where a seller is woman and could suggest about sizes and things.

This is basic habit of every aunties and daughter.. if you ever ask me.

But this time I was experimenting and went to a open market place where they literally hang all lingeries in display….and I saw a cute nice Bra …and there various versions..

Yes women’s have fancy choices regarding undergarments too…

But thing was….tag details was all in Chinese…yes even the price. I was like what …. this cute thing is made in China.😂😂😂😁

Now I asked about the size…and the male seller was like saying- “size pe mat jawo” .

Yes ! This were the exact words.Don’t read the size they are actually made in Chinese… so measurements are different. I actually read 34/75.

The Bra Size I usually buy is 32/80…I was confused and I don’t want to give up…

yes I am that kind of person…if I like something I would definitely go for it whether it fit me or not.

I picked the Bra and said “acha thick h de do”. (It’s OK give it to me.) And in my mind I was laughing like anything… Because you know what… Size really Matters…

I am Saying this because….

These are actually screenshots of articles every women’s should read to understand why actually size matters… because I can’t explain anyfurther…

PS…. I can’t believe I am actually posting it….yes displaying woman lingerie is really nonsense to some people… But it’s actually open minded people will understand.

Watch “Introduction trailer” on YouTube

video blog

So here’s I am, my first vlog in Hindi. Obviously many of My readers don’t know me so they can read more about mycovertlife in this blog …

#social media experiment

प्यार कुछ मेरी नजर से 

जिन्हें गलती करने पर  घर पर छपल  और लाते मिली होगी

  •  मैं  ये  लेख हिंदी  भाषा  में  इसलिए लिख रही हूँ ताकि  मेरी बात सबको समझ आए ।

आज कुछ हुआ जो मुझे प्यार की सही परिभाषा को याद दिलाया।/
तो मैंने सोचा कि क्यों नहीं इस बकवास को  सभी के साथ साझा करू।

मेरे विचार में प्यार में कोई बुराई नहीं ।पर किसी के प्यार  में पड़ना  एक बवकूफी हैं । काफी लोग ये गलती करते हैं । 

 मैंने भी यह गलती की ।।।😁😁

पर समझदार वो  है; जो अपनी  और दुसरो की गलती से  सबक  ले। ‘जवानी ‘ ,एक ऐसा समय है ;जब प्यार जैसी गलती मामूली सी बात है । पर जवानी ,ही ऐसा समय जब  एक गलती जिंदगी भर का सबक बन जाती हैं । 

मैंने  एक समय देखा; जब मैं,  एकतरफा प्यार में पड़कर बिखर चुकी थी । उस समय मैंने बहुत गलत फैसले  लिए । पर  इसे पहले मैं अपने भविष्य का सर्वनाश करती, मेरे बड़ों के आशीर्वाद के कारण मैं सम्भल  गई

अब बड़ों का आशीर्वाद का मतलब मैं क्या बताऊ?  वो काफी समझदार लोग समझ ही गए होंगे- जिन्हें गलती करने पर  घर पर छपल  और लाते मिली होगी ।😂😂😂

जी हाँ मुझे भी मेरी माँ ने ऐसे लतड़ा 

आज भी जब मैं प्यार जैसे शब्द के बारे में  सोचती हूँ, मुझे माँ का प्यार ही पहले याद आता है । फिर सच्चाई तो यह है की प्यार सही समय पर सही  इंसान के साथ बहुत किश्मत वालों को ही होता है ।

प्यार तो  आजकल मिनटों में किसी से भी हो जाता है ।पर यह प्यार ,इतनी मुश्किलों को अपने साथ लेकर आता है; कि कोई इसे करने से पहले दस बार सोच ले।

किसी व्यक्ति से हमें प्यार विभिन्न प्रकार से हो सकता हैं । :-

  1. एकतरफा  प्यार ।
  2.  छुपारूतम प्यार।
  3. डरपोक वाला प्यार  ।
  4. खुलेआम वाला प्यार ।
  5. टाइम पास वाला  प्यार ।
  6. सच्चा वाला  प्यार ।
  • एकतरफा  प्यार । आज भी कितने लोग  इस  मोह में फंसे हुए है । कुछ तो समझ  जाते हैं  और  कुछ तो समझते ही नहीं । दिल के बार बार टुकड़े होते हैं  पर फिर  भी ये लगे रहते हैं ।
  • छुपारूतम प्यार। इसमें  दोनों ही ओर  आकर्षण होता है ।सब समझ भी होती हैं ,लेकिन सब कुछ छुपा कर करना पड़ता हैं । जमाने की नजरों से बचना होता है ।  हालात के साथ ;ये कभी भी बदल सकता हैं ।
  • डरपोक वाला । ये वाला प्यार तो छुपारूतम प्यार के जैसे ही होता है ।बस फर्क इतना है कि ये कभी  आगे नहीं  बढ़ सकता है । डर के कारण ये प्यार खामोश हो जाता है ।
  • खुलेआम वाला। ये वाला प्यार तो छुपारूतम प्यार के बिलकुल  उलट है । जहाँ  छुपारूतम  प्यार में  सब छुपा करते है । इस मे सब खुलेआम होता है । हर social media sites  में अपने प्यार को दिखाया जाता है । रिश्तेदारों की मंजूरी की भी जरूरत नहीं होती ।
  • टाइम पास वाला। ये वाला प्यार  बड़ा ही निकम्मा प्यार होता है । जिस व्यक्ति के पास करने के लिए कुछ नहीं होता वही निकम्मा व्यक्ति  दुसरो के दिल के साथ  खेल खेलता है ।
  • सच्चा वाला।ये वाला प्यार तो बहुत किश्मत वालों को ही होता है । कुछ ही सफल व्यक्ति है; जो  इस प्यार के सभी पड़ाव को सफलता से पार कर पाए हैं । इसमें दोनों ही व्यक्तियों को  आपना सब कुछ खोना पड़ता । जिसने ये कर  लिया  ,उसे प्यार में PhD के साथ; स्वर्ग भी  नसीब होता है ।😂😂👏👏❤


P.S. ये सच की प्यार को समझना मुश्किल है । मैं तो बस  अपने  दिमाग के फितुर  को  खतम कर रही हूँ । अगर आप लोगों को कोई दिक्कत हो तो मैं कुछ क्यों करूँ । आप को कौन सा वाला प्यार हुआ; अपने सुझाव दे सकते हैं ।


Dust on Love Letter

Have ever wrote any letter?
What it feels to read an old love letter.?

यादों की धूल Dust on Love Letter. http://anelife16.blogspot.com/2017/02/dust-of-love-letter.html

UnComplete Love

अधूरी मोह्बत http://anelife16.blogspot.com/2017/01/blog-post.html

व्यवहार कब बदलता है

जिसे जो समझना है वह वहीं समझेगा।

किसी व्यक्ति का व्यवहार आप के लिए कब बदलेगा ये कोई नहीं जानता। इसलिए मैंने  इस बात पर  ध्यान देना शुरू कर दिया   है कीं मेरा व्यवहार लोगों के लिए कैसा हैं।

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मैं अपने परिवार में सबसे  छोटी हूँ। मम्मी पापा  दीदी भईयाँ ने हमेशा दुलार में रखा।  मेरा व्यवहार भी इसी कारण  घर  में अलग हैं  और बाहर अलग। मैं घर पर एक अलग तरह का जीवन  से जीती हूँ -“बिदास” याने कोई रोक टोक नहीं। बाहर मेरा व्यवहार इसे कई ज़्यादा अलग हैं।
मैं जब तक किसी व्यक्ति को अच्छे से जानती नही,मैं  तब तक उस व्यक्ति से ज़्यादा बात नहीं करती।
मेरे इस व्यक्तित्व के कारण कई लोग मुझे गलत समझने लगते हैं।
मैं  कई बार कोशिश करती हूँ की मेरे व्यवहार के वजह  से मुझे कोई ग़लत ना समझे ,पर कभी-कभी ऐसी घटनाएँ होती हैं की आपका व्यवहार भी कोई मायने नहीं रखता। जिसे जो समझना है वह वहीं समझेगा।

इन दो महीनों में मेरे लिए लोगों का व्यवहार इतना बदला की  मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। “क्या ये वही लोग हैं ?” मैं इन्हीं लोगों के सामने बड़ी हुईं ,खेली, मस्ती की , कई ग़लतियाँ  की , पर  इन लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ा । क्योकि मैं उन लोगों के सामने होकर भी नहीं थी।  इन लोगों ने कभी मेरी उपेक्षा नहीं की , पर कभी भी मेरी तारीफ़ नहीं की। मुझे किसी लायक ही नहीं समझा गया।

पर अब सबका व्यवहार बदल गया हैं। सबसे ज़्यादा मेरे परिवार का , उनके लिए मैं अब बड़ी हो गई हूँ। वे मेरा ख़्याल अभी  भी रखते हैं , पर साथ में उनकी उम्मीदें भी मुझ से बढ़ गई हैं।
इन सबके साथ अब  वे लोग मुझ पे ध्यान देते हैं , जो मुझे देखकर रास्ता ही बदल लेते थे। जो लोग कभी मुझे से नज़र तक नहीं मिलाते थे ,अब सामने आते ही मुस्कराते हैं। अब मैं इनको नज़र आने लगी हूँ ।

अब मैं भी किसी से छुपकर नहीं रहती,अपने आप से भी नहीं ।
पता नहीं क्यों अब मुझे किसी बात से डर नहीं लगता । अब बस  मैं ईश्वर से दुआ करती रहती हूँ। जो होगा अच्छे के लिए होगा।
इसलिए अगर किसी का व्यवहार बदल जाए तो मैं उसके बारें ज्यादा आश्चर्य नहीं करती अब ,क्योंकि सब अच्छे के लिए होता हैं।

सबकी अपनी किस्मत

उसने ऐसी बातें बताई अपने बारें मे, की मैं हैरान हुई। फिर सोचा हर किसीकि अपनी किस्मत होती हैं।

मैं बस में रोज़ की तरह अपनी मनपसंद जगह पर बैठी थी। बस का Driver बस से उतर कर बाहर चाय पीने गया था और   बस Conductor  सवारीयॉ तलाश रहा था।  तभी एक लड़की  मेरे आगे वाली सीट पर बैठ गई  और अपने समान को सीट के नीचे रख दिया। बस के बाहर खड़ी औरत ने उसे खुदा हाफीस(  Goodbye) कहा। उसने भी जवाब मे Urdu ज़बान से अलविदा कहा।

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लड़की ने फिर मेरे ओर पलट कर देखा ।उसने पुछा -“आपा किधर जाओगी?”
मैने कहा-नसरूल्लागंज ,तुम कहाँ जा रही हो? उसने कहा- “हम भी वहीं जा रहें हैं। आप आगे आजाओ ना ,यहाँ कोई नहीं बैठा।” पहले तो मुझे अजीब सा लगा , मैंने सोचा क्यों मैं एक अंजान लड़की के पास बैठूँ। फिर सोचा यहाँ बस में कौन हैं जो मुझे जानता हैं। इसलिए मैं आगे जाकर उसके साथ बैठ गई।
धीरे धीरे और भी सवारीयाँ बस मे आ गई। वह लड़की बड़े ख़ुशी से बस के बाहर देख रही थी जैसे उसे वहाँ से जाने की बहुत खुशी हो। उसने मुझ से पुछा -“आपा आप भोपाल से नसरूल्लागंज किसे मिलने जा रहें हो?”
मैंने उसे बताया की वहाँ मुझे नौकरी मिली हैं और मैं रोज़, पिछले दो हफ्ते से इस बस से काम पर जाती हूँ ।
“इतनी दूर काम पर !” उसने हैरान होकर कहा।
“हाँ,काम पर” – मैंने जवाब दिया।
“नौकरी करना हैं तो आना जाना करना पड़ता हैं।”
फिर उसने कहा – “आप ने तो बहुत पढ़ाई भी तो करी होगी। हमें तो पढ़ने का मौका ही नहीं मिला।”
उसने ऐसी बातें बताई अपने बारें मे, की मैं हैरान हुई। फिर सोचा हर किसीकि अपनी किस्मत होती हैं।
वह मेरी तरह ही अपनी मंज़िल तलाश रही हैं ,बस फ्रक इतना ही हैं कि उसे तरीक़े नहीं पता पर लड़ना जानती हैं। और मैं सब  जानती पर लड़ना मुझे नहीं आता।
PS :- It’s my first post in hindi. Well I hope my hindi gets improve.