व्यवहार कब बदलता है

जिसे जो समझना है वह वहीं समझेगा।

Advertisements

किसी व्यक्ति का व्यवहार आप के लिए कब बदलेगा ये कोई नहीं जानता। इसलिए मैंने  इस बात पर  ध्यान देना शुरू कर दिया   है कीं मेरा व्यवहार लोगों के लिए कैसा हैं।

image

मैं अपने परिवार में सबसे  छोटी हूँ। मम्मी पापा  दीदी भईयाँ ने हमेशा दुलार में रखा।  मेरा व्यवहार भी इसी कारण  घर  में अलग हैं  और बाहर अलग। मैं घर पर एक अलग तरह का जीवन  से जीती हूँ -“बिदास” याने कोई रोक टोक नहीं। बाहर मेरा व्यवहार इसे कई ज़्यादा अलग हैं।
मैं जब तक किसी व्यक्ति को अच्छे से जानती नही,मैं  तब तक उस व्यक्ति से ज़्यादा बात नहीं करती।
मेरे इस व्यक्तित्व के कारण कई लोग मुझे गलत समझने लगते हैं।
मैं  कई बार कोशिश करती हूँ की मेरे व्यवहार के वजह  से मुझे कोई ग़लत ना समझे ,पर कभी-कभी ऐसी घटनाएँ होती हैं की आपका व्यवहार भी कोई मायने नहीं रखता। जिसे जो समझना है वह वहीं समझेगा।

इन दो महीनों में मेरे लिए लोगों का व्यवहार इतना बदला की  मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। “क्या ये वही लोग हैं ?” मैं इन्हीं लोगों के सामने बड़ी हुईं ,खेली, मस्ती की , कई ग़लतियाँ  की , पर  इन लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ा । क्योकि मैं उन लोगों के सामने होकर भी नहीं थी।  इन लोगों ने कभी मेरी उपेक्षा नहीं की , पर कभी भी मेरी तारीफ़ नहीं की। मुझे किसी लायक ही नहीं समझा गया।

पर अब सबका व्यवहार बदल गया हैं। सबसे ज़्यादा मेरे परिवार का , उनके लिए मैं अब बड़ी हो गई हूँ। वे मेरा ख़्याल अभी  भी रखते हैं , पर साथ में उनकी उम्मीदें भी मुझ से बढ़ गई हैं।
इन सबके साथ अब  वे लोग मुझ पे ध्यान देते हैं , जो मुझे देखकर रास्ता ही बदल लेते थे। जो लोग कभी मुझे से नज़र तक नहीं मिलाते थे ,अब सामने आते ही मुस्कराते हैं। अब मैं इनको नज़र आने लगी हूँ ।

अब मैं भी किसी से छुपकर नहीं रहती,अपने आप से भी नहीं ।
पता नहीं क्यों अब मुझे किसी बात से डर नहीं लगता । अब बस  मैं ईश्वर से दुआ करती रहती हूँ। जो होगा अच्छे के लिए होगा।
इसलिए अगर किसी का व्यवहार बदल जाए तो मैं उसके बारें ज्यादा आश्चर्य नहीं करती अब ,क्योंकि सब अच्छे के लिए होता हैं।

सबकी अपनी किस्मत

उसने ऐसी बातें बताई अपने बारें मे, की मैं हैरान हुई। फिर सोचा हर किसीकि अपनी किस्मत होती हैं।

मैं बस में रोज़ की तरह अपनी मनपसंद जगह पर बैठी थी। बस का Driver बस से उतर कर बाहर चाय पीने गया था और   बस Conductor  सवारीयॉ तलाश रहा था।  तभी एक लड़की  मेरे आगे वाली सीट पर बैठ गई  और अपने समान को सीट के नीचे रख दिया। बस के बाहर खड़ी औरत ने उसे खुदा हाफीस(  Goodbye) कहा। उसने भी जवाब मे Urdu ज़बान से अलविदा कहा।

image

लड़की ने फिर मेरे ओर पलट कर देखा ।उसने पुछा -“आपा किधर जाओगी?”
मैने कहा-नसरूल्लागंज ,तुम कहाँ जा रही हो? उसने कहा- “हम भी वहीं जा रहें हैं। आप आगे आजाओ ना ,यहाँ कोई नहीं बैठा।” पहले तो मुझे अजीब सा लगा , मैंने सोचा क्यों मैं एक अंजान लड़की के पास बैठूँ। फिर सोचा यहाँ बस में कौन हैं जो मुझे जानता हैं। इसलिए मैं आगे जाकर उसके साथ बैठ गई।
धीरे धीरे और भी सवारीयाँ बस मे आ गई। वह लड़की बड़े ख़ुशी से बस के बाहर देख रही थी जैसे उसे वहाँ से जाने की बहुत खुशी हो। उसने मुझ से पुछा -“आपा आप भोपाल से नसरूल्लागंज किसे मिलने जा रहें हो?”
मैंने उसे बताया की वहाँ मुझे नौकरी मिली हैं और मैं रोज़, पिछले दो हफ्ते से इस बस से काम पर जाती हूँ ।
“इतनी दूर काम पर !” उसने हैरान होकर कहा।
“हाँ,काम पर” – मैंने जवाब दिया।
“नौकरी करना हैं तो आना जाना करना पड़ता हैं।”
फिर उसने कहा – “आप ने तो बहुत पढ़ाई भी तो करी होगी। हमें तो पढ़ने का मौका ही नहीं मिला।”
उसने ऐसी बातें बताई अपने बारें मे, की मैं हैरान हुई। फिर सोचा हर किसीकि अपनी किस्मत होती हैं।
वह मेरी तरह ही अपनी मंज़िल तलाश रही हैं ,बस फ्रक इतना ही हैं कि उसे तरीक़े नहीं पता पर लड़ना जानती हैं। और मैं सब  जानती पर लड़ना मुझे नहीं आता।
PS :- It’s my first post in hindi. Well I hope my hindi gets improve.

I am the under dog

After two weeks  of my new Job  this is what I found about myself -“I am not perfect”. Actually I am still an Under dog.
Whom ever I meet, they start measuring me. They judge  me ,even if  they don’t know me . They usually ask me to do things which  is perfect /right in their eyes.
Sometimes things turns more difficult until I make myself calm by saying “I am still learning.”

image

So,this is what happening in my life.  I am struggling hard. And most difficult part is- “I  can’t even talk much about it.” 
You know talking about yours own problems will give others chance to laugh or to have pity on you.
I don’t want anyone to laugh or have pity on me.

The Good part is I know how to cope up with things and peoples. I am slow but I know how win.

PS:- I am going to change my language from English to Hindi.  My next post will be in Hindi.